NewsUpdate: उत्तर भारत के पहाड़ो में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी का असर अब मथुरा जैसे मैदानी क्षेत्रों में गंभीर रूप से नजर आने लगा है। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी ने यमुना नदी के जलस्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है, जिससे मथुरा और वृंदावन के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।
वृंदावन में भक्तों की आवाजाही पर रोक, मंदिरों तक जाने वाले रास्ते सील कर दिए गए हैं और केशी घाट की ओर जाने वाले सभी मार्ग प्रशासन ने बंद कर दिए हैं। बावजूद इसके, ज़मीनी हालात इससे कहीं अधिक चिंताजनक हैं।
जयसिंहपुरा और आस-पास की कॉलोनियों में पानी घरों के अंदर घुस चुका है। कई मकानों में कमर तक पानी भर गया है, जिससे लोग अपने घरों से पलायन को मजबूर हो गए हैं।
सड़कों पर नावें उतर चुकी हैं, बिजली काट दी गई है और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। लोगों की रोजमर्रा की ज़रूरतें पूरी कर पाना भी मुश्किल हो गया है।
जल निगम और सिंचाई विभाग का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन बैरिकेड्स लगाने के अलावा प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहा।